Nipah virus: कभी-कभी ज़िंदगी ऐसे मोड़ पर आ जाती है जहां डर और चिंता हर दिल को झकझोर देती है। केरल एक बार फिर ऐसे ही कठिन दौर से गुजर रहा है। दो महीने की राहत के बाद राज्य में फिर से निपाह वायरस ने दस्तक दी है। इस खबर ने न सिर्फ वहां के लोगों को बल्कि पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। यह वही खतरनाक वायरस है जिसने पहले भी कई जिंदगियों को लील लिया था और अब एक बार फिर केरल की फिजाओं में उसका साया मंडरा रहा है।
कोझिकोड की 18 साल की लड़की और मल्लापुरम की महिला में निपाह की पुष्टि
Nipah virus कोझिकोड की एक 18 साल की लड़की, जो कुछ दिन पहले ही तेज बुखार और गंभीर मस्तिष्क संक्रमण (एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) के चलते अस्पताल में भर्ती हुई थी, उसकी मौत हो गई है। अभी उसकी आखिरी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसी दौरान मल्लापुरम ज़िले के पेरिन्थलमन्ना के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रही 38 वर्षीय महिला में निपाह वायरस की पुष्टि हो चुकी है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने इस बात को आधिकारिक रूप से बताया है। महिला की हालत अत्यंत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
महिला की हालत गंभीर, परिवार और अस्पताल में चिंता का माहौल
Nipah virus यह महिला पलक्कड़ ज़िले के थाचनत्तुकारा की रहने वाली हैं और तीन बच्चों की मां हैं। उन्हें शुरुआत में बुखार और कमजोरी की शिकायत के बाद दो छोटे अस्पतालों में भर्ती कराया गया था लेकिन हालत बिगड़ने पर पेरिन्थलमन्ना ले जाया गया। अब वह ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं और उनके परिवार समेत पूरा अस्पताल और प्रशासन गहरी चिंता में है।
स्वास्थ्य विभाग ने संभाली कमान, सख्त निगरानी और हाई अलर्ट
Nipah virus केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने जानकारी दी कि राज्य में निपाह वायरस से निपटने के लिए पहले से ही सभी ज़रूरी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं। मालापुरम, कोझिकोड और पलक्कड़ जिलों में 26 कमेटियां बनाई गई हैं, जो निगरानी और रोकथाम के काम में जुटी हैं। संभावित संक्रमित लोगों के संपर्कों को ट्रेस किया जा रहा है और हेल्पलाइन, कंटेनमेंट जोन व पब्लिक अनाउंसमेंट जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की जा चुकी हैं।
पिछली घटनाओं की यादें फिर ताज़ा, सतर्कता ही है बचाव का रास्ता
Nipah virus यह वायरस कोई नया नाम नहीं है। इससे पहले भी केरल इस महामारी की मार झेल चुका है। निपाह वायरस का कोई निश्चित इलाज नहीं है और इसका संक्रमण बेहद घातक हो सकता है। लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, उलझन, उल्टी और मस्तिष्क में सूजन शामिल हैं। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग हर कदम पर पूरी सतर्कता बरत रहा है और लोगों से भी यही अपील की जा रही है कि वे किसी भी लक्षण को हल्के में न लें।
सामूहिक जागरूकता और सहयोग ही देगा इस बीमारी को मात
Nipah virus मंत्री ने साफ किया है कि बीते एक हफ्ते में हुई सभी अप्राकृतिक मौतों की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि किसी भी छुपे संक्रमण का पता लगाया जा सके। गांव-गांव में स्वास्थ्य टीमें भेजी जा रही हैं और हर व्यक्ति को जागरूक किया जा रहा है।
डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को भी क्वारंटाइन में रखा गया है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। प्रशासन के साथ आम लोगों का सहयोग इस लड़ाई में सबसे अहम भूमिका निभाएगा। यह एक ऐसा समय है जिसमें घबराने से ज्यादा ज़रूरी है कि हम सब मिलकर जिम्मेदारी और सावधानी के साथ कदम बढ़ाएं। हर एक छोटा कदम एक बड़ी सुरक्षा बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी बयानों पर आधारित है। निपाह वायरस एक घातक बीमारी है और इससे जुड़ी जानकारी समय के साथ बदल सकती है। किसी भी लक्षण या आपातकालीन स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें।
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