BGMI आज के समय में जब ज़िंदगी की भागदौड़ के बीच थोड़ी सी राहत की तलाश होती है, तब मोबाइल गेमिंग कई लोगों के लिए एक सुकून भरा साथी बन चुकी है। खासकर भारत के युवा, यानी Gen Z, अब इसे सिर्फ टाइम पास नहीं बल्कि अपनी डिजिटल लाइफ का अहम हिस्सा मानने लगे हैं। CyberMedia Research (CMR) की ताज़ा रिपोर्ट हमें बताती है
जब गेमिंग बन जाए ज़िंदगी का हिस्सा
BGMI इस रिपोर्ट में 1,550 से अधिक यूज़र्स का सर्वे किया गया, जिनमें Gen Alpha, Gen Z और मिलेनियल्स शामिल थे। ये सर्वे टियर 1, 2 और 3 शहरों में किया गया, जिससे यह साफ हुआ कि मोबाइल गेमिंग अब एक सर्वव्यापी ट्रेंड बन चुका है। इसमें सबसे खास बात यह सामने आई कि Gen Z के लगभग 30 प्रतिशत युवा अब “प्रीमियम गेमिंग एक्सपीरियंस” की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। यानी अब उन्हें सिर्फ खेलना नहीं, बल्कि बेहतर ग्राफिक्स और स्मूद गेमप्ले चाहिए।
गेमिंग सिर्फ मनोरंजन नहीं एक जुड़ाव है
BGMI जहां पहले गेमिंग को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देखा जाता था, वहीं अब यह मानसिक सक्रियता और सामाजिक जुड़ाव का भी माध्यम बन गया है। 72 प्रतिशत लोगों ने गेमिंग को अपने मनोरंजन का ज़रिया बताया, 52 प्रतिशत ने इसे दिमागी स्फूर्ति के लिए और 41 प्रतिशत ने सामाजिक कनेक्शन के रूप में चुना। इतना ही नहीं, हर तीन में से एक व्यक्ति सप्ताह में चार से छह घंटे सिर्फ गेमिंग में बिताता है।
कैसे खोजते हैं युवा अपने नए गेम्स
Gen Z गेमिंग की दुनिया में सबसे आगे हैं, और उनके लिए नए गेम्स की खोज भी दिलचस्प है। 66 प्रतिशत युवा नए गेम्स अपने दोस्तों से जानते हैं, 55 प्रतिशत सोशल मीडिया से और 51 प्रतिशत ऐप स्टोर्स से। यही नहीं, 30 प्रतिशत Gen Z यूज़र्स उन गेम्स को प्राथमिकता देते हैं जिनमें हाई परफॉर्मेंस और विजुअल क्वालिटी हो। competitive gaming या eSports भी अब इस पीढ़ी के लिए रोमांच और पहचान का ज़रिया बन चुके हैं, जहां 57 प्रतिशत युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
Free Fire और BGMI सीरियस गेमर्स की पहली पसंद
अगर बात करें गेम की पसंद की, तो पज़ल और फर्स्ट पर्सन शूटर्स (FPS) टॉप पर हैं, दोनों को 19 प्रतिशत युवाओं ने पसंद किया। इसके बाद एक्शन-एडवेंचर गेम्स का नंबर आता है। लेकिन जब बात “सीरियस गेमर्स” की होती है, तो दो नाम सबसे ऊपर आते हैं Free Fire और BGMI। इन दोनों गेम्स ने दिलों में अपनी एक अलग जगह बना ली है और सर्वे में भी दोनों को 26 प्रतिशत वोट मिले हैं।
जब स्मार्टफोन का चिपसेट बन जाए गेमिंग का हीरो
इस रिपोर्ट से यह भी सामने आया कि Gen Z के लिए स्मार्टफोन का चिपसेट यानी प्रोसेसर कितना अहम हो गया है। 46 प्रतिशत युवा इस आधार पर फोन चुनते हैं कि उसका चिपसेट गेमिंग के लिए कैसा परफॉर्म करता है। MediaTek और Qualcomm इस रेस में आगे हैं, और दोनों की ब्रांड अवेयरनेस लगभग बराबर है MediaTek को 55 प्रतिशत और Qualcomm को 52 प्रतिशत Gen Z यूज़र्स जानते हैं। यही ट्रेंड Gen Alpha में भी दिखाई देता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी CMR द्वारा जारी की गई रिपोर्ट पर आधारित है। यह लेख केवल जानकारी साझा करने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें व्यक्त विचार किसी भी ब्रांड या उत्पाद की आधिकारिक राय नहीं दर्शाते।
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