Hindi Panchang Today 30 August 2025: धार्मिक मान्यताओं में हर तिथि और योग का अलग महत्व होता है। 30 अगस्त 2025 का दिन संतान सप्तमी और ललिता सप्तमी जैसे पावन पर्वों के कारण खास माना जा रहा है। इस दिन संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य के लिए शिव-पार्वती की पूजा का विधान है। वहीं नवविवाहित दंपत्तियों के लिए ललिता सप्तमी का व्रत करना शुभ फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत से दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और समृद्धि बनी रहती है।
30 अगस्त 2025 का पंचांग और शुभ-अशुभ समय
पंचांग विवरण | ग्रह स्थिति और राशियों पर प्रभाव |
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तिथि: सप्तमी (29 अगस्त रात 8:21 से 30 अगस्त रात 10:46 तक) | सूर्य: सिंह |
वार: शनिवार | चंद्रमा: तुला |
नक्षत्र: विशाखा | मंगल: सिंह |
योग: इंद्र, त्रिपुष्कर योग | बुध: कर्क |
सूर्योदय: सुबह 5:57 | गुरु: मिथुन |
सूर्यास्त: शाम 6:48 | शुक्र: कर्क |
चंद्रोदय: दोपहर 12:14 | शनि: मीन |
चंद्रोस्त: रात 10:38 | राहु: कुंभ |
चंद्र राशि: तुला | केतु: सिंह |
सुबह का शुभ चौघड़िया: 7:34 – 9:10 | लाभ वाली राशियाँ: कन्या, वृश्चिक |
शाम का लाभ चौघड़िया: 6:45 – 8:09 | सावधानी वाली राशियाँ: कुंभ, मीन |
राहुकाल: 9:10 – 10:46 | |
यमगण्ड काल: 1:57 – 3:33 | |
गुलिक काल: 5:58 – 7:34 | |
भद्रा काल: 10:46 रात से 31 अगस्त सुबह 5:59 |
संतान सप्तमी और ललिता सप्तमी का महत्व
संतान सप्तमी पर माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अपने बच्चों की सुरक्षा और दीर्घायु की कामना करते हैं। इस दिन कलावा लेकर शिवलिंग पर चढ़ाना और फिर उसे बच्चों की कलाई पर बांधना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इससे संतान पर आने वाली बाधाएं और संकट दूर हो जाते हैं।
ललिता सप्तमी का व्रत नवविवाहित दंपत्तियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन देवी ललिता की पूजा करने से विवाहिक जीवन में प्रेम, आपसी समझ और खुशहाली बनी रहती है।
आज का विशेष उपाय
जो लोग संतान की सुख-समृद्धि चाहते हैं, वे संतान सप्तमी पर शिव-पार्वती की पूजा करें और संकल्प लें कि वे संतान की सुरक्षा और भलाई के लिए सत्कर्म करेंगे। पूजा पूरी होने के बाद कलावा बच्चे की कलाई पर बांधना शुभ माना जाता है।
Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग गणना और ज्योतिषीय आकलन पर आधारित है। किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित होगा।
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