फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से जुड़ी संस्था Cine and TV Artistes’ Association यानी CINTAA एक बार फिर अंदरूनी विवादों को लेकर चर्चा में है। CINTAA की महासचिव और अभिनेत्री उपासना सिंह ने संस्था के कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बयानों के बाद संस्था के भीतर सत्ता, पद और फैसलों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
उपासना सिंह ने कथित तौर पर CINTAA में एक ऐसे माहौल की ओर इशारा किया है, जहां वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों के फैसलों का विरोध करना कलाकारों के लिए मुश्किल हो सकता है। उन्होंने इस पूरे माहौल को ‘मैडम जी’ कल्चर से जोड़ते हुए दावा किया कि जो लोग नेतृत्व की बात मानते हैं, उन्हें मौके मिलते हैं, जबकि विरोध करने वालों के पद या जिम्मेदारियों में अचानक बदलाव किया जा सकता है।
हालांकि, इन आरोपों को उपासना सिंह का पक्ष मानना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके द्वारा लगाए गए इन विशेष आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
CINTAA में क्या चल रहा है?
CINTAA लंबे समय से फिल्म और टेलीविजन कलाकारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली प्रमुख संस्था रही है। मई 2024 में हुए चुनाव के बाद अभिनेत्री पूनम ढिल्लों को अध्यक्ष और उपासना सिंह को महासचिव चुना गया था। नई कार्यकारिणी में पद्मिनी कोल्हापुरे, पुनीत इस्सर, हेमंत पांडे और अन्य कलाकारों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली थीं।

शुरुआत में यह टीम कलाकारों के हित में काम करने और खास तौर पर छोटे टीवी कलाकारों की समस्याओं को दूर करने की बात कर रही थी। पूनम ढिल्लों ने उस समय छोटे कलाकारों को समय पर भुगतान दिलाने जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही थी।
लेकिन अब संस्था के अंदर काम करने के तरीके और आपसी मतभेदों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपासना सिंह के हालिया आरोपों ने इस विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।
उपासना सिंह ने लगाए गंभीर आरोप
उपासना सिंह के आरोपों का केंद्र CINTAA के भीतर कथित तौर पर मौजूद सत्ता का प्रभाव है। उनका कहना है कि संस्था में अगर कोई व्यक्ति नेतृत्व के फैसलों के साथ खड़ा रहता है तो उसके लिए चीजें आसान हो सकती हैं, लेकिन अगर कोई सवाल उठाता है या विरोध करता है तो उसके साथ अलग व्यवहार किया जा सकता है।
उनके अनुसार, इसी तरह के माहौल को उन्होंने ‘मैडम जी’ कल्चर कहा है। उनका दावा है कि कुछ लोगों को उनकी बात मानने के कारण महत्व या अवसर मिलते हैं, जबकि असहमति जताने वालों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है।
यह आरोप इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उपासना सिंह खुद CINTAA की महासचिव हैं और पूनम ढिल्लों संस्था की अध्यक्ष हैं। यानी विवाद केवल बाहरी लोगों के बीच नहीं बल्कि संस्था की शीर्ष नेतृत्व संरचना से जुड़े लोगों के बीच मतभेद की ओर इशारा करता है।
‘विरोध किया तो रातोंरात पद बदल दिया’
उपासना सिंह के बयान में सबसे ज्यादा चर्चा उस दावे की हो रही है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा कि विरोध करने वाले व्यक्ति का पद रातोंरात बदल दिया गया। उनका आरोप है कि संस्था के भीतर पद और जिम्मेदारियां हमेशा केवल योग्यता या काम के आधार पर तय नहीं होतीं, बल्कि नेतृत्व के साथ संबंध और समर्थन भी भूमिका निभा सकते हैं।
अगर ऐसा होता है तो यह किसी भी कलाकार संगठन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। CINTAA जैसी संस्था में अलग-अलग उम्र और अनुभव के हजारों कलाकार जुड़े होते हैं और ऐसे संगठन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के पद बदलने के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इस बारे में आधिकारिक दस्तावेज या स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए उपासना सिंह के दावे को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह के बीच पहले भी दिखा मतभेद
CINTAA की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और महासचिव उपासना सिंह के बीच मतभेद की चर्चा पहले भी सामने आ चुकी है। जून 2026 में रणवीर सिंह और ‘Don 3’ विवाद के दौरान दोनों के बयानों में अंतर दिखाई दिया था।
FWICE की ओर से रणवीर सिंह के खिलाफ जारी किए गए गैर-सहयोग निर्देश को बाद में वापस ले लिया गया था। इस मामले में पूनम ढिल्लों ने कहा था कि CINTAA को इतने महत्वपूर्ण फैसले से पहले शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि FWICE की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपासना सिंह की मौजूदगी की उन्हें पहले से जानकारी नहीं थी।
पूनम ढिल्लों ने उस समय यह भी कहा था कि अगर उपासना सिंह CINTAA की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही थीं, तो इसके लिए संस्था की अनुमति और अधिकृत प्रतिनिधित्व होना चाहिए था।
दूसरी तरफ, उपासना सिंह ने रणवीर सिंह के पक्ष में आवाज उठाई थी और फिल्म इंडस्ट्री के मौजूदा माहौल को देखते हुए उनके काम को महत्वपूर्ण बताया था। बाद में FWICE ने अपना निर्देश वापस ले लिया।
‘मैडम जी’ कल्चर का मुद्दा क्यों अहम है?
किसी भी कलाकार संगठन का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना होता है। ऐसे में अगर संस्था के अंदर ही कलाकारों को यह महसूस हो कि सवाल उठाने या विरोध करने पर उनके साथ भेदभाव हो सकता है, तो यह संगठन की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।
उपासना सिंह के आरोप इसी वजह से चर्चा में हैं। उनका दावा अगर सही साबित होता है तो इससे CINTAA की निर्णय लेने की प्रक्रिया और आंतरिक लोकतंत्र पर सवाल उठ सकते हैं। दूसरी ओर, अगर आरोपों में पर्याप्त तथ्य नहीं हैं तो संस्था की ओर से स्पष्ट जवाब आना भी उतना ही जरूरी होगा, ताकि कलाकारों के बीच भ्रम की स्थिति न बने।
CINTAA की कार्यप्रणाली पर उठेंगे सवाल
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि CINTAA के अंदर महत्वपूर्ण फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। क्या सभी पदाधिकारियों को फैसलों में बराबर भूमिका मिलती है? क्या किसी सदस्य के पद या जिम्मेदारी में बदलाव के लिए स्पष्ट नियम मौजूद हैं? और क्या ऐसे बदलावों की जानकारी सदस्यों को पारदर्शी तरीके से दी जाती है?

इन सवालों का जवाब संस्था की ओर से मिलने पर ही स्थिति ज्यादा साफ हो सकती है। फिलहाल सामने आए बयानों से इतना जरूर स्पष्ट है कि CINTAA के नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चा अब सार्वजनिक हो चुकी है।
विवाद के बीच कलाकारों की नजरें CINTAA पर
CINTAA से जुड़े विवाद का असर केवल इसके पदाधिकारियों तक सीमित नहीं रहता। संस्था से जुड़े कलाकार अपने काम, भुगतान, अनुबंध, अधिकारों और इंडस्ट्री में आने वाली कई समस्याओं के लिए संगठन की ओर देखते हैं।
ऐसे में नेतृत्व के बीच सार्वजनिक मतभेद कलाकारों के लिए चिंता का विषय बन सकते हैं। खासकर तब, जब संस्था के भीतर से ही काम करने के तरीके पर सवाल उठाए जाएं।
फिलहाल उपासना सिंह के आरोपों पर पूनम ढिल्लों या CINTAA की ओर से इस विशेष ‘मैडम जी’ कल्चर वाले दावे पर कोई विस्तृत आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है। इसलिए इस विवाद में अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले दोनों पक्षों का पूरा पक्ष सामने आना जरूरी है।
FAQ
Q.1 CINTAA की अध्यक्ष कौन हैं?
CINTAA की मौजूदा कार्यकारिणी में पूनम ढिल्लों अध्यक्ष हैं। उन्हें 2024 में अध्यक्ष चुना गया था।
Q.2 CINTAA की महासचिव कौन हैं?
उपासना सिंह CINTAA की महासचिव हैं। 2024 में नई कार्यकारिणी के गठन के दौरान उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी।
Q.3 उपासना सिंह ने किस तरह के आरोप लगाए हैं?
उपासना सिंह ने संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और कथित तौर पर ‘मैडम जी’ कल्चर की बात कही है। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
Q.4 क्या पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह के बीच पहले भी विवाद हुआ है?
जून 2026 में FWICE और रणवीर सिंह से जुड़े विवाद के दौरान दोनों के बयानों में मतभेद सामने आए थे। पूनम ढिल्लों ने FWICE की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपासना सिंह की मौजूदगी पर सवाल उठाया था।
Q.5 क्या CINTAA ने उपासना सिंह के आरोपों पर जवाब दिया है?
इन विशेष आरोपों पर CINTAA की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
Disclaimer: इस लेख में बताए गए गंभीर आरोप संबंधित पक्ष के बयानों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होने तक इन्हें तथ्य या अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
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