जब घर का बजट बिगड़ता है, तो सबसे पहले नजर जाती है रसोई और जेब पर. सोना महंगा हो तो शादी-ब्याह टलते हैं, पेट्रोल डीजल बढ़े तो रोजमर्रा की जिंदगी महंगी लगने लगती है से में Union Budget 2026 Commodity Prices को लेकर लोगों की धड़कनें तेज हैं 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह तय करेगा कि आने वाले महीनों में आम आदमी को राहत मिलेगी या दबाव और बढ़ेगा कमोडिटी मार्केट में चल रही उठापटक ने इस बजट को और भी अहम बना दिया है.
बाजार से जुड़े लोग, निवेशक और उपभोक्ता सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार टैक्स और ड्यूटी के मोर्चे पर क्या फैसला लेती है. सोना, चांदी, पेट्रोल, डीजल और कच्चा तेल हर एक का असर सीधे महंगाई से जुड़ा है. यही वजह है कि बजट 2026 को महंगाई राहत की कसौटी माना जा रहा है
बजट 2026 और सोना-चांदी निवेश और शादी दोनों की चिंता
पिछले एक साल में सोने और चांदी की कीमतों ने निवेशकों को कभी खुशी दी, कभी झटका. रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद आई गिरावट ने बाजार को असमंजस में डाल दिया है. फिलहाल सोने पर 6 प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी और 3 प्रतिशत GST लगता है. यही टैक्स स्ट्रक्चर कीमतों को ऊंचा बनाए रखता है

ज्वेलरी इंडस्ट्री और निवेशकों को उम्मीद है कि Union Budget 2026 Commodity Prices के तहत सरकार इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती कर सकती है अगर ऐसा हुआ, तो शादियों के मौसम में खरीदारों को सीधी राहत मिलेगी सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि भारत में सुरक्षित निवेश का प्रतीक भी है यही वजह है कि gold price में थोड़ी सी राहत भी बाजार में भरोसा बढ़ा सकती है
चांदी की बात करें, तो इसका इस्तेमाल अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है. सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ती मांग ने इसकी कीमतों को ग्लोबल फैक्टर से जोड़ दिया है Union Budget 2026 Commodity Prices अगर टैक्स स्थिर रहते हैं, तो निवेशक इसे लॉन्ग टर्म विकल्प के रूप में देख सकते हैं. यहां सरकार का संतुलन बनाना बेहद जरूरी है, ताकि राजस्व भी आए और आम आदमी पर बोझ भी न बढ़े
पेट्रोल-डीजल और कच्चा तेल क्या GST का सपना होगा पूरा
महंगाई की सबसे तेज चोट पेट्रोल-डीजल से लगती है कच्चा तेल अभी भी GST के दायरे से बाहर है Union Budget 2026 Commodity Prices एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का VAT मिलकर कीमतों को ऊंचा रखते है लंबे समय से मांग है कि crude oil को GST में लाया जाए, ताकि देशभर में एक समान कीमतें तय हों
Union Budget 2026 Commodity Prices में अगर सरकार तेल और नेचुरल गैस के टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव करती है, तो इसका असर सीधा ट्रांसपोर्ट और रसोई गैस के खर्च पर पड़ेगा. पेट्रोल सस्ता हुआ, तो सब्जी से लेकर दूध तक की कीमतों में राहत दिख सकती है. यही वजह है कि आम उपभोक्ता इस बजट से सबसे ज्यादा उम्मीदें लगाए बैठा है
हालांकि, सरकार के लिए यह फैसला आसान नहीं है. तेल से मिलने वाला टैक्स राजस्व का बड़ा हिस्सा है. लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर रहती हैं Union Budget 2026 Commodity Prices और टैक्स में थोड़ा संतुलन बनाया जाता है, तो महंगाई पर काबू पाया जा सकता है यह कदम महंगाई राहत की दिशा में अहम साबित हो सकता है
इंडस्ट्री और बेस मेटल्स घर बनाना होगा सस्ता
कॉपर, एल्युमीनियम और स्टील जैसे बेस मेटल्स की कीमतें ग्लोबल बाजार पर निर्भर करती हैं यूक्रेन-रूस तनाव और चीन की मांग ने इनकी कीमतों को अस्थिर बनाया है Union Budget 2026 Commodity Prices भारत में कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री की नजर इस बात पर है कि सरकार कच्चे माल पर टैक्स में क्या बदलाव करती है
स्क्रैप मेटल पर ड्यूटी खत्म की जा चुकी है, लेकिन रिफाइंड कॉपर पर अब भी 5 प्रतिशत import duty लगती है अगर बजट 2026 में इसमें कटौती होती है, तो बिजली के तार, इलेक्ट्रॉनिक सामान और घर बनाने की लागत कम हो सकती है इसका फायदा अंततः उपभोक्ता तक पहुंचेगा
यहां सरकार का फोकस मेक इन इंडिया पर भी है सस्ता कच्चा माल मिलेगा, Union Budget 2026 Commodity Prices तो घरेलू उद्योग मजबूत होंगे इससे रोजगार बढ़ेगा और बाजार में स्थिरता आएगी लंबे समय में यह कदम अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है
बाजार का मूड और ग्लोबल संकेत निवेशकों की नजर बजट पर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और भू-राजनीतिक तनाव बाजार को डरा रहे हैं. ऐसे माहौल में भारतीय बजट निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत बन सकता है अगर टैक्स नीति स्थिर और स्पष्ट रहती है, तो बाजार में निवेश बढ़ेगा
Union Budget 2026 Commodity Prices को लेकर यही उम्मीद है Union Budget 2026 Commodity Prices कि सरकार अचानक बड़े झटके देने से बचेगी स्थिरता ही निवेशकों की पहली मांग है
सोना, तेल और बेस मेटल्स तीनों में संतुलन बना तो बाजार को दिशा मिलेगी नए अपडेट्स की बात करें, तो सरकार संकेत दे चुकी है कि वह महंगाई नियंत्रण को प्राथमिकता देगी अगर यह संकेत बजट के फैसलों में दिखा, तो आम आदमी से लेकर उद्योग तक सभी को राहत मिल सकती है
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिम के अधीन होता है. किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने सलाहकार से परामर्श जरूर करें.
Also Read:
Online Business: घर बैठे ऑनलाइन पैसे कमाए बिल्कुल आसान तरीकों से
Economic Survey 2025-26: भारत की अर्थव्यवस्था की असली तस्वीर उम्मीदों और हकीकत का पूरा लेखा जोखा
Aadhaar New App Launch: जानिए कब और कैसे बदलेगा आपका अनुभव













