GST on UPI Payments: सरकार ने दावों को किया खारिज, ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा कोई बोझ

Written by: Sumit Pandey

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Aditika

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GST on UPI Payments: UPI से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के लिए सरकार ने बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि UPI से भुगतान करने पर GST लगाया जाएगा या ₹2,000 से ज्यादा के UPI लेनदेन पर ग्राहकों से अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर कोई GST या MDR का बोझ नहीं डाला जाएगा।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, UPI के जरिए Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले सभी लेनदेन मुफ्त रहेंगे। वहीं, नए MDR framework के तहत कुछ बड़े merchant transactions पर शुल्क लागू हो सकता है, लेकिन यह शुल्क ग्राहक से वसूलने के लिए नहीं है।

GST on UPI Payments को लेकर क्या है पूरा मामला?

UPI भारत में रोजमर्रा के भुगतान का एक अहम माध्यम बन चुका है। किराना दुकान से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान और पैसे ट्रांसफर करने तक लोग UPI का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में UPI पर GST या किसी तरह का transaction charge लगने की खबर से लोगों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

GST on UPI Payments

हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि UPI payment खुद कोई GST chargeable service नहीं बन गया है। इससे पहले भी वित्त मंत्रालय ने अप्रैल 2025 में स्पष्ट किया था कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI transactions पर GST लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं था। उस समय सरकार ने यह भी बताया था कि UPI transactions पर MDR नहीं लिया जा रहा था और इसलिए उस आधार पर GST भी लागू नहीं था।

अब 2026 में UPI के MDR framework में बदलाव के बाद फिर से GST को लेकर भ्रम सामने आया है।GST on UPI मौजूदा सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक MDR और GST को एक ही चीज समझना सही नहीं है।

क्या UPI Payment पर GST लगेगा?

सीधे तौर पर UPI payment करने वाले ग्राहक से GST नहीं लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है। यह merchant payment ecosystem में शामिल बैंकों, payment service providers और UPI application providers के बीच वितरित होने वाला शुल्क है।

इसलिए अगर कोई ग्राहक दुकान पर ₹5,000 का सामान खरीदकर UPI से भुगतान करता है, तो केवल UPI इस्तेमाल करने की वजह से ग्राहक से अलग से GST या MDR वसूलने का प्रावधान नहीं है। सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि merchants MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें।

MDR क्या है और GST से कैसे अलग है?

UPI से जुड़े मौजूदा विवाद को समझने के लिए MDR और GST के बीच अंतर समझना जरूरी है।

MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो कुछ merchant transactions पर payment ecosystem में लगाया जा सकता है। यह सरकार द्वारा लगाया जाने वाला टैक्स नहीं है।

इसके विपरीत GST यानी Goods and Services Tax एक अप्रत्यक्ष कर है, जो वस्तुओं और सेवाओं की taxable supply पर लागू होता है।

इसलिए UPI पर MDR की चर्चा को सीधे यह कहना कि “UPI पर GST लग गया” सही नहीं है। सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि MDR को ग्राहकों पर transaction tax के रूप में लागू नहीं किया गया है।

₹2,000 तक के UPI Payment पर क्या होगा?

सरकार के सितंबर 2026 के स्पष्टीकरण के अनुसार, ₹2,000 तक के Person-to-Merchant यानी P2M UPI transactions पर MDR नहीं लगेगा।

इसके अलावा छोटे merchants के लिए zero-MDR framework भी जारी रहेगा। सरकार के अनुसार लगभग 96% merchant UPI transactions प्रभावित नहीं होंगे।

GST on UPI इसका मतलब यह है कि सामान्य ग्राहक जब छोटी खरीदारी के लिए UPI QR code स्कैन करके भुगतान करेगा, तो उसे UPI इस्तेमाल करने के लिए अलग से कोई शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी।

₹2,000 से ज्यादा UPI Payment पर क्या बदलेगा?

₹2,000 से अधिक के कुछ merchant transactions पर नया MDR framework लागू हो सकता है। सरकार के अनुसार ऐसे निर्दिष्ट P2M transactions पर 0.4% MDR लागू होगा।

₹75,000 या उससे अधिक के transaction पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति transaction रखी गई है। हालांकि यह शुल्क merchant payment ecosystem से संबंधित है और इसे ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं है।

यानी ₹5,000 या ₹10,000 का UPI payment करने वाले ग्राहक को केवल transaction amount अधिक होने की वजह से अलग से 0.4% charge देने की बात नहीं है।

Person-to-Person UPI Transaction पूरी तरह Free रहेगा

अगर आप किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या किसी दूसरे व्यक्ति को UPI से पैसे भेजते हैं, तो इसे Person-to-Person यानी P2P transaction कहा जाता है।

सरकार ने साफ किया है कि P2P UPI transactions पर कोई MDR नहीं लगेगा। यह सुविधा transaction amount से अलग है, यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच UPI payment को MDR framework से बाहर रखा गया है।

इससे उन लोगों को राहत मिलती है जो UPI का इस्तेमाल मुख्य रूप से पैसे भेजने और प्राप्त करने के लिए करते हैं।

छोटे दुकानदारों के लिए भी राहत

सरकार ने छोटे व्यापारियों को भी नए framework में सुरक्षा देने की बात कही है। ₹1 लाख प्रति माह तक UPI QR code के जरिए भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे merchants, जैसे street vendors और neighbourhood shops, को zero-MDR framework का लाभ जारी रहेगा।

GST on UPI इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छोटे कारोबारियों के लिए UPI स्वीकार करना महंगा न हो और डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल जारी रहे।

क्या ग्राहक से छिपा हुआ UPI Charge लिया जा सकता है?

सरकारी स्पष्टीकरण के मुताबिक UPI users से platform fee या hidden charge लेने की अनुमति नहीं है। UPI application providers को भी छिपे हुए charges लगाने से रोका गया है।

अगर किसी ग्राहक से UPI payment के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगी जाती है, तो ग्राहक को transaction details और charge की जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध शुल्क के मामले में संबंधित bank या payment app की शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।

सरकार ने UPI को लेकर क्या कहा?

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य UPI को नागरिकों के लिए affordable और accessible बनाए रखना है। अगस्त 2026 में सरकार ने कहा था कि UPI users के लिए transaction charges नहीं लगाए जाएंगे और भविष्य में MDR लागू होने पर भी यह केवल सीमित merchant transactions तक रहेगा।

सरकार के मुताबिक UPI ecosystem को लगातार बढ़ते transaction volume, cybersecurity, fraud prevention और infrastructure requirements के लिए मजबूत और sustainable बनाना जरूरी है।

UPI का इस्तेमाल कितना बढ़ चुका है?

UPI भारत के digital payment ecosystem का बड़ा हिस्सा बन चुका है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 में UPI पर 2,366 करोड़ transactions हुए, जिनकी कुल value करीब ₹29.9 लाख करोड़ रही। जून 2026 तक UPI platform पर करीब 55.49 करोड़ users onboarded थे।

इसी तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के कारण UPI infrastructure को मजबूत बनाए रखना सरकार और payment ecosystem के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

GST on UPI Payments: ग्राहकों को क्या समझना चाहिए?

पूरे मामले को आसान भाषा में समझें तो UPI से भुगतान करने पर ग्राहक से अलग से GST या MDR नहीं लिया जाएगा। P2P transactions पूरी तरह free रहेंगे। ₹2,000 तक के merchant transactions भी zero-MDR framework में रहेंगे और छोटे merchants के लिए भी विशेष व्यवस्था जारी है।

GST on UPI Payments

कुछ निर्धारित ₹2,000 से अधिक के merchant transactions पर MDR लागू हो सकता है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह customer charge नहीं है। लगभग 96% merchant transactions के प्रभावित न होने की बात भी सरकार ने कही है।

इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों से सावधान रहना जरूरी है जिनमें कहा जा रहा है कि अब हर UPI payment पर GST लगेगा या UPI से पैसे भेजने पर ग्राहकों से नया tax लिया जाएगा।

GST on UPI Payments: Frequently Asked Questions

1. क्या UPI Payment पर GST लगेगा?
नहीं। UPI से भुगतान करने वाले ग्राहकों पर अलग से GST नहीं लगाया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI users को transaction, platform या अन्य कोई charge नहीं देना होगा।

2. क्या ₹2,000 से ज्यादा के UPI Payment पर GST लगेगा?
₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant यानी P2M transactions पर 0.4% MDR लागू हो सकता है, लेकिन यह GST नहीं है और ग्राहक से यह शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं है। ₹75,000 या उससे अधिक के ऐसे transaction पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति transaction है।

3.GST on UPI क्या Person-to-Person UPI Payment पर कोई चार्ज लगेगा?
नहीं। किसी व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने या प्राप्त करने पर कोई MDR, transaction fee या platform fee नहीं लगेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि P2P UPI transactions राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेंगे।

4. ₹2,000 तक के UPI Payment पर क्या कोई शुल्क देना होगा?
₹2,000 तक के Person-to-Merchant UPI payments पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा ₹1 लाख प्रति माह तक UPI QR से भुगतान प्राप्त करने वाले पात्र छोटे merchants के लिए भी zero-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

5. क्या दुकानदार UPI का MDR ग्राहक से वसूल सकता है?
सरकार के अनुसार MDR merchant payment ecosystem का शुल्क है, ग्राहक का शुल्क नहीं। बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि merchants MDR का बोझ ग्राहकों पर न डालें। UPI application providers को platform fee या hidden charges लगाने से भी रोका गया है।

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Sumit Pandey

Web Content Writer, SEO management, Working with ORBITEK HUB And PATRIKA TIMES with 2 years of experience. where i specializes in creating informative and reader friendly content for audience.

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