Dharti Aaba Abhiyan: जनजातीय गांवों के विकास की शक्तिशाली पहल

Written by: Vishnu Pandey

Published on:

Edited By:

Aditika

Follow Us
Join Our WhatsApp Group

देश के दूरस्थ और जनजातीय बहुल गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास, बिजली, स्वच्छ पेयजल और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से Dharti Aaba Abhiyan शुरू किया गया है। इसका आधिकारिक नाम धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान है।

यह किसी एक व्यक्ति को निश्चित धनराशि देने वाली योजना नहीं, बल्कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं और मंत्रालयों को एक साथ जोड़कर जनजातीय गांवों का समग्र विकास करने वाला अभियान है। केंद्र सरकार ने इसके लिए ₹79,156 करोड़ का कुल परिव्यय निर्धारित किया है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा ₹56,333 करोड़ और राज्यों का हिस्सा ₹22,823 करोड़ बताया गया

Dharti Aaba Abhiyan क्या है?

Dharti Aaba Abhiyan को प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से शुरू किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले 18 सितंबर 2024 को अभियान को स्वीकृति दी थी।

अभियान का नाम महान जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में रखा गया है। जनजातीय समुदाय उन्हें आदरपूर्वक “धरती आबा” यानी धरती का पिता कहता है।

इस अभियान में 17 केंद्रीय मंत्रालयों के समन्वय से पांच वर्षों के दौरान 25 प्रमुख हस्तक्षेप लागू किए जाने हैं। इसका उद्देश्य पहले से संचालित योजनाओं को पात्र जनजातीय गांवों तक प्रभावी रूप से पहुंचाकर वहां मौजूद विकास संबंधी कमियों को दूर करना है।

 जनजातीय कार्य मंत्रालय—धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान

Dharti Aaba Abhiyan में कितने गांव शामिल होंगे?

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार Dharti Aaba Abhiyan के अंतर्गत लगभग 63,843 जनजातीय बहुल गांव शामिल किए जाने हैं। यह अभियान 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 549 जिलों तथा 2,911 विकासखंडों में लागू किया जाना है।

इससे पांच करोड़ से अधिक जनजातीय नागरिकों तक विभिन्न सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान मुख्य रूप से जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी विकासखंडों में मूलभूत सेवाओं की पूर्ण उपलब्धता पर केंद्रित है।

अभियान का विवरणआधिकारिक लक्ष्य
कुल परिव्यय₹79,156 करोड़
केंद्र सरकार का हिस्सा₹56,333 करोड़
राज्यों का हिस्सा₹22,823 करोड़
लक्षित गांवलगभग 63,843
संभावित लाभार्थी आबादीपांच करोड़ से अधिक
जिले549
विकासखंड2,911
राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश30
संबंधित मंत्रालय17
प्रमुख हस्तक्षेप25
कार्यान्वयन अवधिपांच वर्ष

ये आंकड़े पूरे अभियान के राष्ट्रीय लक्ष्य हैं। किसी विशेष गांव में स्वीकृत कार्यों की जानकारी संबंधित ग्राम पंचायत, विकासखंड अथवा जिला जनजातीय कल्याण कार्यालय से प्राप्त करनी चाहिए।

Dharti Aaba Abhiyan में कौन-सी सुविधाएं मिलेंगी?

Dharti Aaba Abhiyan का उद्देश्य किसी गांव में उपलब्ध सुविधाओं की कमी पहचानकर संबंधित सरकारी विभाग के माध्यम से उसे पूरा करना है। अभियान के अंतर्गत व्यापक रूप से निम्न क्षेत्रों पर काम किया जाना है:

  • पात्र परिवारों को पक्के आवास से जोड़ना
  • गांवों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराना
  • प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना
  • बिजली और सौर ऊर्जा सुविधाओं का विस्तार
  • मोबाइल और इंटरनेट संपर्क बेहतर बनाना
  • विद्यालयों और छात्रावासों की सुविधाएं बढ़ाना
  • आंगनवाड़ी केंद्रों का विकास
  • प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार
  • आजीविका और कौशल विकास
  • कृषि तथा पशुपालन सहायता
  • वन उपज आधारित रोजगार
  • स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना
  • सरकारी पहचान एवं पात्रता दस्तावेज बनवाना

अलग-अलग मंत्रालय अपनी मौजूदा योजनाओं और निर्धारित लक्ष्यों के माध्यम से इन सुविधाओं को पूरा करते हैं। इसे सरकारी भाषा में “Convergence” यानी योजनाओं और विभागों का समन्वय कहा जाता है।

Dharti Aaba Abhiyan से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र की दूरी, डॉक्टरों की कमी, परिवहन और जानकारी का अभाव बड़ी समस्या हो सकती है। Dharti Aaba Abhiyan स्वास्थ्य ढांचे और सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गांव तक पहुंचाने पर केंद्रित है।

इसके माध्यम से स्वास्थ्य जांच शिविर, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के पोषण, आयुष्मान भारत कार्ड और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लोगों को जोड़ने में सहायता मिल सकती है।

सिकल सेल एनीमिया जनजातीय समुदायों से जुड़ी प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। जांच, समय पर पहचान और परामर्श के माध्यम से इसके प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जा सकता है। हालांकि जांच अथवा उपचार केवल प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और मान्यता प्राप्त चिकित्सा केंद्र से ही करवाना चाहिए।

Dharti Aaba Abhiyan के अंतर्गत जनजातीय गांव में स्वास्थ्य और सरकारी सेवा शिविर

Dharti Aaba Abhiyan से शिक्षा को कैसे लाभ मिलेगा?

Dharti Aaba Abhiyan में शिक्षा संबंधी कमियों को दूर करना भी महत्वपूर्ण लक्ष्य है। दूरस्थ गांवों में विद्यालय तक पहुंच, शिक्षकों की उपलब्धता, छात्रावास, डिजिटल शिक्षा और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों की समस्या पर ध्यान दिया जा सकता है।

अभियान से जुड़े प्रयासों में निम्न सुविधाएं महत्वपूर्ण हो सकती हैं:

  • विद्यालय भवन और आवश्यक आधारभूत सुविधाएं
  • दूरस्थ विद्यार्थियों के लिए छात्रावास
  • आंगनवाड़ी और प्रारंभिक बाल शिक्षा
  • इंटरनेट तथा डिजिटल शिक्षण संसाधन
  • छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी
  • जनजातीय विद्यार्थियों का स्कूल में नामांकन
  • पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों की पहचान
  • कौशल एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण
  • एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार

अभियान शुरू किए जाने के अवसर पर 40 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन और 25 विद्यालयों की आधारशिला रखे जाने की जानकारी भी सरकार ने दी थी।

 PIB पर अभियान के शुभारंभ और लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी

Dharti Aaba Abhiyan से रोजगार और आजीविका

केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना स्थायी विकास के लिए पर्याप्त नहीं है। परिवारों की आय बढ़ाना और स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार तैयार करना भी आवश्यक है। इसलिए Dharti Aaba Abhiyan में आजीविका विकास को प्रमुख स्थान दिया गया है।

जनजातीय समुदाय लघु वन उपज, हस्तशिल्प, कृषि, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े होते हैं। प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार से संपर्क मिलने पर इन उत्पादों से बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़कर स्थानीय उद्यम तैयार किए जा सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म और संगठित विपणन के माध्यम से बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

Dharti Aaba Abhiyan से वन उपज आधारित रोजगार प्राप्त करती जनजातीय महिलाएं

Dharti Aaba Abhiyan का लाभ कैसे मिलेगा?

इस अभियान के लिए सामान्यतः ऐसा कोई एक राष्ट्रीय व्यक्तिगत आवेदन-पत्र नहीं है, जिसे हर नागरिक स्वयं भरकर सीधे निश्चित धनराशि प्राप्त कर सके। पहले पात्र जनजातीय गांवों की पहचान और वहां सुविधाओं की कमी का आकलन किया जाता है। इसके बाद संबंधित विभाग अपनी योजना के नियमों के अनुसार पात्र परिवारों और कार्यों को जोड़ते हैं।

गांव के निवासी इन स्थानों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

  1. ग्राम पंचायत या ग्राम सभा
  2. पंचायत सचिव या रोजगार सहायक
  3. विकासखंड कार्यालय
  4. जिला जनजातीय कल्याण कार्यालय
  5. आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता
  6. स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र
  7. कृषि एवं वन विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय
  8. अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा शिविर

निवासियों को आधार कार्ड, राशन कार्ड, अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र, बैंक खाते का विवरण, निवास प्रमाणपत्र और योजना-विशेष के दूसरे दस्तावेज तैयार रखने पड़ सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज सुविधा के प्रकार और राज्य के नियमों के अनुसार अलग हो सकते हैं।

Dharti Aaba Abhiyan और PM-JANMAN में अंतर

दोनों कार्यक्रम जनजातीय समुदायों के विकास से जुड़े हैं, लेकिन उनका लक्षित दायरा अलग है।

Dharti Aaba AbhiyanPM-JANMAN
व्यापक जनजातीय बहुल गांवों पर केंद्रितविशेष रूप से PVTG समुदायों पर केंद्रित
लगभग 63,843 गांवों को शामिल करने का लक्ष्यअत्यंत कमजोर जनजातीय समूहों की बस्तियों पर जोर
17 मंत्रालयों के 25 हस्तक्षेपPVTG परिवारों की मूलभूत जरूरतों पर लक्षित
पांच करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच का लक्ष्यअपेक्षाकृत विशिष्ट और संवेदनशील आबादी पर केंद्रित

PVTG का अर्थ Particularly Vulnerable Tribal Groups यानी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह है। दोनों अभियानों का उद्देश्य योजनाओं को दूरस्थ समुदायों तक पहुंचाना है, लेकिन Dharti Aaba Abhiyan का जनजातीय ग्राम विकास का दायरा अधिक व्यापक है।

अभियान की सफलता केवल स्वीकृत बजट या बनाए गए ढांचे से नहीं मापी जानी चाहिए। वास्तविक परिणाम इस बात से सामने आएगा कि गांव में पानी नियमित मिल रहा है या नहीं, विद्यालय में शिक्षक हैं या नहीं, स्वास्थ्य केंद्र काम कर रहा है या नहीं और परिवारों की आय में स्थायी सुधार हुआ है या नहीं। ग्राम सभा और स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बना सकती है।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जनजागरूकता के लिए है। अभियान में गांवों का चयन, कार्यों की स्वीकृति और व्यक्तिगत योजनाओं की पात्रता राज्य तथा विभागीय नियमों के अनुसार अलग हो सकती है।

Also read:

Jan Dhan Yojana Are You Really Getting ₹5,000? PIB Fact Check Issues Scam Alert: ₹5,000 वाले वायरल मैसेज का क्या है सच?

PM SVANidhi Yojana 2026 Good News: रेहड़ी-पटरी वालों को ₹50,000 तक Loan

PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana: Major Relief, 100 जिलों के किसानों को लाभ

For Feedback - patrikatimes2@gmail.com