ग्रामीण भारत के प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित और नियमित नल का पानी पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने Jal Jeevan Mission 2.0 को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मिशन के पुनर्गठन के साथ इसके कुल परिव्यय को बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ करने की मंजूरी दी है।
Jal Jeevan Mission 2.0 में अब केवल पाइपलाइन बिछाने या घर में नल लगाने पर ध्यान नहीं रहेगा। नए चरण का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नल से नियमित मात्रा में निर्धारित गुणवत्ता वाला पानी मिले और खराब होने पर जलापूर्ति व्यवस्था की समय पर मरम्मत भी हो।
सरकार ने इस चरण में ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों और ग्रामीण समुदायों की भूमिका मजबूत करने का निर्णय लिया है। इससे स्थानीय स्तर पर योजना के संचालन, पानी की गुणवत्ता जांच, शुल्क संग्रह और रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Jal Jeevan Mission 2.0 क्या है?
Jal Jeevan Mission 2.0 केंद्र सरकार के ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम का पुनर्गठित चरण है। पहले चरण में मुख्य रूप से ग्रामीण घरों तक Functional Household Tap Connection पहुंचाने पर जोर था। नए चरण में बने हुए बुनियादी ढांचे को लंबे समय तक चालू रखना और नियमित जल सेवा देना प्राथमिकता होगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 मार्च 2026 को मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और पुनर्गठित करने की मंजूरी दी। इस निर्णय का आधिकारिक विवरण प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट और Press Information Bureau के माध्यम से देखा जा सकता है।
Jal Jeevan Mission 2.0 को अलग व्यक्तिगत नकद सहायता योजना नहीं समझना चाहिए। इसमें परिवार के बैंक खाते में पैसा नहीं आता, बल्कि गांव में जलस्रोत, टंकी, उपचार व्यवस्था, पाइपलाइन और घर तक कार्यशील नल कनेक्शन विकसित किया जाता है।
Jal Jeevan Mission 2.0 का बजट कितना है?
Jal Jeevan Mission 2.0 के लिए संशोधित कुल कार्यक्रम परिव्यय ₹8.69 लाख करोड़ किया गया है। इसमें केंद्र सरकार की सहायता लगभग ₹3.59 लाख करोड़ होगी और शेष हिस्सेदारी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार राज्यों द्वारा वहन की जाएगी।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मिशन का नया चरण | Jal Jeevan Mission 2.0 |
| विस्तार की अवधि | दिसंबर 2028 तक |
| संशोधित कुल परिव्यय | ₹8.69 लाख करोड़ |
| केंद्रीय सहायता | लगभग ₹3.59 लाख करोड़ |
| मुख्य लाभार्थी | ग्रामीण परिवार |
| प्रमुख लक्ष्य | कार्यशील नल से सुरक्षित और नियमित जल |
| क्रियान्वयन | केंद्र, राज्य और स्थानीय संस्थाएं |
Jal Jeevan Mission 2.0 में राज्यों को धन प्राप्त करने के लिए सुधारों और परिणामों से जुड़ी शर्तें पूरी करनी पड़ सकती हैं। मार्च 2026 के अंत तक सुधार आधारित समझौते करने वाले पांच राज्यों के लिए लगभग ₹1,561 करोड़ जारी किए जाने की जानकारी दी गई थी।
राज्यवार आवंटन, जारी राशि और वास्तविक खर्च की जानकारी Jal Jeevan Mission Dashboard के Financial Progress अनुभाग में देखी जा सकती है। इससे केवल स्वीकृत बजट ही नहीं, बल्कि खर्च की प्रगति का भी आकलन किया जा सकता है।
Jal Jeevan Mission 2.0 में क्या बदलाव हुआ?
पहले चरण में किसी घर में नल कनेक्शन लग जाने को बड़ी उपलब्धि माना जाता था। Jal Jeevan Mission 2.0 में कनेक्शन के साथ उसकी कार्यशीलता पर भी जोर होगा। यानी नल लगा होना पर्याप्त नहीं है; उसमें नियमित रूप से सुरक्षित पानी आना भी आवश्यक है।
नए चरण का बदलाव इस प्रकार समझा जा सकता है:
| पहले का प्रमुख फोकस | Jal Jeevan Mission 2.0 का फोकस |
|---|---|
| नल कनेक्शन बनाना | नियमित जल सेवा सुनिश्चित करना |
| निर्माण कार्य पूरा करना | संचालन और रखरखाव |
| योजना की संख्या | वास्तविक कार्यशीलता |
| सरकारी विभाग की जिम्मेदारी | पंचायत और समुदाय की भागीदारी |
| कनेक्शन की रिपोर्टिंग | परिवार स्तर पर सत्यापन |
| जलस्रोत का उपयोग | स्रोत की दीर्घकालीन सुरक्षा |
| कभी-कभी गुणवत्ता जांच | नियमित निगरानी और सुधार |
Jal Jeevan Mission 2.0 में पाइपलाइन, पंप और पानी की टंकी खराब होने पर मरम्मत की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। गांव को यह स्पष्ट होना चाहिए कि शिकायत किस अधिकारी को करनी है, मरम्मत का खर्च कैसे आएगा और सेवा बहाल करने की समय-सीमा क्या होगी।
Jal Jeevan Mission 2.0 से किसे लाभ मिलेगा?
Jal Jeevan Mission 2.0 मुख्य रूप से ग्रामीण भारत के उन परिवारों के लिए है, जिनके पास अभी कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन नहीं है अथवा जहां कनेक्शन होने के बावजूद पर्याप्त और नियमित पानी नहीं मिलता।
इसका लाभ गांवों के स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों तक भी पहुंच सकता है। नियमित स्वच्छ पानी उपलब्ध होने से स्वच्छता, बच्चों के स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हो सकता है।
महिलाओं और बच्चियों को Jal Jeevan Mission 2.0 से विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी लाने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से महिलाओं पर होती है। घर के पास नियमित नल जल मिलने से उनका समय और शारीरिक श्रम बच सकता है।
Jal Jeevan Mission 2.0 में आवेदन करना पड़ता है?
Jal Jeevan Mission 2.0 में PM Kisan या किसी छात्रवृत्ति की तरह प्रत्येक परिवार को किसी केंद्रीय वेबसाइट पर व्यक्तिगत आवेदन फॉर्म भरना आवश्यक नहीं होता। योजना गांव और जलापूर्ति परियोजना के स्तर पर लागू की जाती है।
यदि किसी पात्र ग्रामीण घर में नल कनेक्शन नहीं है तो परिवार को ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति, पंचायत सचिव या संबंधित ग्रामीण जलापूर्ति विभाग से संपर्क करना चाहिए। परिवार का नाम गांव की जलापूर्ति योजना और घरेलू कनेक्शन सूची में दर्ज कराया जा सकता है।
गांव, पंचायत और जिले की प्रगति देखने के लिए आधिकारिक JJM Dashboard का उपयोग किया जा सकता है। Dashboard में राज्य, जिला, ब्लॉक, पंचायत, गांव और habitation के अनुसार उपलब्ध रिपोर्ट देखी जा सकती हैं।
Jal Jeevan Mission 2.0 में गांव की स्थिति कैसे जांचें?
Jal Jeevan Mission 2.0 की स्थिति जांचते समय केवल “Har Ghar Jal Reported” देखना पर्याप्त नहीं है। Reported और Certified स्थिति में अंतर हो सकता है। किसी गांव द्वारा सभी घरों में कनेक्शन की सूचना देना Reported माना जा सकता है, जबकि ग्राम सभा अथवा निर्धारित प्रक्रिया से पुष्टि होने के बाद Certified स्थिति दर्ज होती है।
स्थिति जांचने के सामान्य चरण:
- Jal Jeevan Mission Dashboard खोलें।
- Physical Progress अथवा Household Tap Connection रिपोर्ट चुनें।
- अपना राज्य और जिला चुनें।
- ब्लॉक, पंचायत और गांव का चयन करें।
- कुल ग्रामीण परिवार और नल कनेक्शन की संख्या देखें।
- Reported और Certified Har Ghar Jal स्थिति अलग-अलग जांचें।
- उपलब्ध होने पर beneficiary verification रिपोर्ट देखें।
Jal Jeevan Mission 2.0 Dashboard पर दर्ज कनेक्शन और वास्तविक जलापूर्ति में अंतर दिखाई दे तो ग्राम पंचायत या संबंधित विभाग को लिखित शिकायत दी जा सकती है। शिकायत में परिवार का नाम, गांव, वार्ड, नल की स्थिति और पानी न आने की अवधि स्पष्ट लिखें।
Jal Jeevan Mission 2.0 में पानी की गुणवत्ता कैसे जांची जाएगी?
Jal Jeevan Mission 2.0 का लक्ष्य केवल पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए जलस्रोत, पाइपलाइन और वितरण बिंदुओं से लिए गए नमूनों की नियमित जांच आवश्यक होगी।
पानी में बैक्टीरिया, आर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन, नाइट्रेट, लवणता और अन्य संभावित प्रदूषकों की जांच प्रयोगशाला या Field Testing Kit के माध्यम से की जा सकती है। जोखिम वाले क्षेत्रों में जांच की आवृत्ति अधिक रखने की आवश्यकता हो सकती है।
महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय सदस्यों को Field Testing Kit चलाने का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। पानी की गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट JJM Water Quality Management Information System पर उपलब्ध हो सकती है।

Jal Jeevan Mission 2.0 में जलस्रोत की सुरक्षा
यदि जलस्रोत कुछ वर्षों बाद सूख जाए तो केवल पाइप और नल किसी काम के नहीं रहेंगे। इसलिए Jal Jeevan Mission 2.0 में source sustainability यानी जलस्रोत की दीर्घकालीन सुरक्षा आवश्यक है।
इसके अंतर्गत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाब और स्थानीय जलाशयों का संरक्षण, इस्तेमाल किए गए पानी का प्रबंधन तथा पानी की बर्बादी रोकने जैसे कार्य शामिल हो सकते हैं। सूखाग्रस्त और भूजल संकट वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक स्रोत विकसित करना भी जरूरी होगा।
स्थानीय जलस्रोत की क्षमता के अनुसार गांव की जलापूर्ति योजना बनाई जानी चाहिए। Jal Jeevan Mission 2.0 में अधिक पानी निकालने के बजाय उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग लंबे समय तक सेवा बनाए रखने में मदद करेगा।
Jal Jeevan Mission 2.0 में ग्राम पंचायत की भूमिका
Jal Jeevan Mission 2.0 में ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को योजना के स्थानीय संचालन में प्रमुख भूमिका दी जा सकती है। समिति में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी आवश्यक है, क्योंकि घरेलू जल प्रबंधन का अनुभव उन्हें स्थानीय समस्याएं बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।
पंचायत की संभावित जिम्मेदारियों में जलापूर्ति समय तय करना, पानी की गुणवत्ता जांचना, पंप और पाइपलाइन की मरम्मत, जलस्रोत की सुरक्षा और शिकायतों का समाधान शामिल हो सकता है।
प्रत्येक गांव के पास Village Action Plan होना चाहिए, जिसमें जलस्रोत, टंकी, पाइपलाइन, घरेलू कनेक्शन, संचालन लागत और मरम्मत प्रक्रिया दर्ज हो। Jal Jeevan Mission 2.0 की Operational Guidelines आधिकारिक मिशन वेबसाइट के Guidelines/Manuals अनुभाग में देखी जा सकती हैं।

Jal Jeevan Mission 2.0 में शिकायत कहाँ करें?
Jal Jeevan Mission 2.0 के अंतर्गत नल न लगने, पानी न आने, पाइपलाइन टूटने या दूषित पानी मिलने पर सबसे पहले ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सूचित करें।
समाधान न होने पर ब्लॉक स्तर के अधिकारी, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन या राज्य के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग को लिखित शिकायत दी जा सकती है। शिकायत की प्राप्ति रसीद या संदर्भ संख्या अवश्य लें।
शिकायत के साथ निम्न जानकारी देना उपयोगी होगा:
- परिवार का नाम और मोबाइल नंबर
- गांव, पंचायत, ब्लॉक और जिला
- नल कनेक्शन की वर्तमान स्थिति
- पानी कब से नहीं आ रहा है
- पानी की गुणवत्ता संबंधी समस्या
- पाइपलाइन रिसाव या टूटने की फोटो
- पहले की गई शिकायत का विवरण
Jal Jeevan Mission 2.0 की सफलता कनेक्शन की कुल संख्या से अधिक नियमित सेवा पर निर्भर करेगी। इसलिए Dashboard पर दर्ज स्थिति का ग्राम सभा और लाभार्थियों के माध्यम से वास्तविक सत्यापन आवश्यक है।
Disclaimer: यह लेख सरकारी जानकारी समझाने के लिए है। योजना की प्रगति, कवरेज और जल आपूर्ति स्थान के अनुसार बदलती है। नवीनतम स्थिति आधिकारिक डैशबोर्ड तथा ग्राम पंचायत से जरूर जांचें।
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