करियर चुनने की सही दिशा: सीबीएसई की पहल से छात्र कैसे समझें अपनी रुचि और क्षमता

Written by: Vishnu Pandey

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Aditika

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दसवीं के बाद विज्ञान, वाणिज्य या मानविकी में से क्या चुनें? किसी छात्र को जीव विज्ञान पसंद है, लेकिन वह डॉक्टर नहीं बनना चाहता। दूसरे को गणित में अच्छे अंक मिलते हैं, फिर भी उसे डिजाइन में अधिक रुचि है। ऐसे सवालों का जवाब केवल अंकों की सूची देखकर नहीं मिलता। छात्र की रुचि, सीखने की क्षमता, उपलब्ध पाठ्यक्रम और भविष्य में किए जाने वाले काम सभी पर बातचीत करनी पड़ती है।

इसी संदर्भ में CBSE Career Guidance की पहल प्रासंगिक है। सीबीएसई ने 16 सितंबर 2026 को स्कूल प्रमुखों, शिक्षकों और काउंसलरों के लिए एक वेबिनार रखा था। इसका उद्देश्य उन्हें My Career Advisor मोबाइल ऐप, Tamanna Aptitude Test और करियर मार्गदर्शन के अन्य संसाधनों से परिचित कराना था। यह छात्रों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा नहीं थी; वेबिनार का लक्षित समूह स्कूलों में मार्गदर्शन देने वाले लोग थे।

सीबीएसई करियर मार्गदर्शन पर क्यों ध्यान दे रहा है?

विषय चुनने के समय बहुत से छात्र किसी एक लोकप्रिय पेशे को ही अपना लक्ष्य मान लेते हैं। कभी परिवार की अपेक्षा प्रभाव डालती है, कभी मित्रों का चुनाव। कुछ छात्रों को अपने पसंदीदा विषय का पता होता है, लेकिन उससे जुड़े अलग-अलग पाठ्यक्रम और काम की जानकारी नहीं होती। मार्गदर्शन का काम छात्र की ओर से निर्णय लेना नहीं, बल्कि उसे बेहतर जानकारी के साथ अपना निर्णय करने में सहायता देना है।

सीबीएसई के वेबिनार संबंधी नोटिस में उम्र के अनुरूप और व्यवस्थित करियर मार्गदर्शन की जरूरत बताई गई है। नोटिस के अनुसार, वेबिनार में डिजिटल ऐप के उपयोग, योग्यता आकलन के उद्देश्य और नतीजों की व्याख्या तथा करियर मार्गदर्शन पुस्तिकाओं पर चर्चा होनी थी। स्कूल प्रमुखों से संबंधित शिक्षकों और काउंसलरों तक इसकी जानकारी पहुँचाने को भी कहा गया था।

अभिभावकों के लिए इसका व्यावहारिक अर्थ है कि विषय चयन को एक दिन का फैसला न बनाएँ। छात्र से नियमित बातचीत करें: कौन-से काम उसे अच्छे लगते हैं, किन विषयों में वह समय लगाना चाहता है और किस तरह सीखने पर उसकी समझ बेहतर बनती है।

माई करियर एडवाइज़र से छात्र क्या जान सकते हैं?

My Career Advisor शिक्षा मंत्रालय की करियर संबंधी डिजिटल पहल है। सीबीएसई ने सितंबर 2025 में स्कूलों से इस मोबाइल ऐप की जानकारी छात्रों और अन्य संबंधित लोगों तक पहुँचाने को कहा था। शिक्षा मंत्रालय के विवरण के अनुसार, इसमें 1,000 से अधिक करियर मार्गों के बारे में जानकारी उपलब्ध है। इनमें काम की भूमिका, आवश्यक शिक्षा, कौशल और आगे की संभावनाओं जैसे पहलू शामिल हैं। ऐप छात्र की रुचियों, क्षमताओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकल्प तलाशने में सहायता देने के लिए बनाया गया है।

मान लीजिए किसी छात्र को चित्र बनाना पसंद है। बातचीत केवल “आर्ट्स लो” पर समाप्त नहीं होनी चाहिए। वह अलग-अलग तरह के डिजाइन, दृश्य संचार, शिक्षण या अन्य संबंधित काम के बारे में पढ़ सकता है। फिर देख सकता है कि किस विकल्प के लिए कौन-सी पढ़ाई और कौशल चाहिए। इसी तरह विज्ञान पसंद करने वाले छात्र को केवल कुछ प्रसिद्ध पेशों की सूची तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है।

CBSE Career Guidance के दौरान ऐप को खोजबीन के एक साधन की तरह इस्तेमाल करना बेहतर है। ऐप का कोई सुझाव छात्र के लिए अंतिम आदेश नहीं होता। विकल्प देखकर शिक्षक या काउंसलर से पूछें कि उस पाठ्यक्रम में वास्तव में क्या पढ़ाया जाता है और छात्र उसे आज़माने के लिए अभी क्या कर सकता है।

तमन्ना योग्यता परीक्षण क्या बताता है?

Tamanna का पूरा नाम Try And Measure Aptitude And Natural Abilities है। एनसीईआरटी के अनुसार, यह कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए विकसित योग्यता परीक्षण है। इसमें भाषा, अमूर्त तर्क, मौखिक तर्क, यांत्रिक तर्क, संख्यात्मक, स्थानिक और बोध संबंधी क्षमता जैसे सात आयाम शामिल हैं। सीबीएसई के सितंबर 2026 के नोटिस में शिक्षकों को इस परीक्षण की प्रक्रिया और नतीजों को करियर मार्गदर्शन में समझने से परिचित कराने की बात कही गई थी।

इन आयामों को आसान उदाहरण से समझें। किसी छात्र को संख्याओं के साथ काम करना सहज लग सकता है, जबकि दूसरे को आकृतियों की बनावट और स्थान का संबंध समझना आसान लगता है। तीसरा छात्र भाषा में अपने विचार अच्छी तरह व्यक्त करता है। ऐसी जानकारी छात्र की क्षमता पर बातचीत शुरू कर सकती है।

लेकिन केवल एक परीक्षण देखकर यह तय करना उचित नहीं होगा कि छात्र कौन-सा विषय ले ही या कौन-सा पेशा छोड़ ही दे। एनसीईआरटी भी बताता है कि करियर योजना में रुचि, व्यक्तिगत गुण तथा शिक्षा और पेशों की आवश्यकताएँ महत्वपूर्ण हैं। इसलिए परिणाम को छात्र के अनुभव और शिक्षक की बातचीत के साथ पढ़ना चाहिए।

CBSE Career Guidance के लिए घर पर विकल्प खोजती छात्रा और अभिभावक

दोनों साधनों की भूमिका में क्या अंतर है?

साधनमुख्य उपयोगपरिणाम का सही उपयोग
माई करियर एडवाइज़रअलग-अलग करियर मार्ग, पढ़ाई और कौशल की जानकारी खोजनापसंद आए विकल्पों की वास्तविक पढ़ाई और काम से तुलना करना
तमन्ना योग्यता परीक्षणकक्षा 9–10 के छात्र की कुछ क्षमताओं पर जानकारी पानानतीजों पर शिक्षक या काउंसलर के साथ चर्चा करना
स्कूल में बातचीतछात्र की रुचि, प्रदर्शन, परिस्थितियाँ और लक्ष्य समझनाजानकारी और अनुभव जोड़कर अगला कदम तय करना

यह तुलना समझाने के लिए है। हर छात्र की स्थिति अलग होगी; किसी डिजिटल साधन या परीक्षण से पूरी जीवन योजना तैयार नहीं हो जाती।

छात्र विषय चुनने से पहले ये सात कदम अपनाएँ

पहला, अपनी रुचियाँ लिखें। केवल पसंदीदा विषयों के नाम न लिखें। यह भी लिखें कि उस विषय में आपको क्या अच्छा लगता है—समस्या हल करना, प्रयोग करना, पढ़ना, लिखना, लोगों से बात करना या कुछ बनाना।

दूसरा, अपनी पढ़ाई की आदत देखें। किस काम पर आप लंबे समय तक ध्यान दे पाते हैं? किस विषय को समझने के लिए अतिरिक्त मदद चाहिए? कठिनाई का मतलब यह नहीं कि रास्ता बंद है, लेकिन तैयारी की जरूरत समझना उपयोगी है।

तीसरा, कई करियर विकल्प खोजें। My Career Advisor जैसे साधन से किसी एक रुचि से जुड़े अलग-अलग काम देखें। हर विकल्प के सामने आवश्यक विषय, आगे की पढ़ाई और जरूरी कौशल नोट करें।

चौथा, उपलब्ध मार्गदर्शन का अर्थ समझें। यदि स्कूल में Tamanna Aptitude Test कराया गया है, तो नतीजे के बारे में प्रशिक्षित शिक्षक या काउंसलर से बात करें। केवल एक अंक या श्रेणी देखकर निष्कर्ष न निकालें।

पाँचवाँ, पाठ्यक्रम की वास्तविक जानकारी लें। चुने जाने वाले विषय में आगे कौन-से अध्याय पढ़ने होंगे? संबंधित कॉलेज पाठ्यक्रम के लिए कौन-सी पात्रता चाहिए? इन सवालों के उत्तर अनुमान से नहीं, पाठ्यक्रम और संस्थान की आधिकारिक जानकारी से लें।

छठा, किसी अनुभव से विकल्प जाँचें। पुस्तकालय में संबंधित सामग्री पढ़ना, किसी पेशेवर से प्रश्न पूछना या एक छोटी परियोजना करना छात्र को अपने विचार की व्यावहारिक समझ दे सकता है।

सातवाँ, परिवार और स्कूल से खुलकर चर्चा करें। खर्च, उपलब्ध संस्थान, यात्रा और छात्र की रुचि जैसे वास्तविक पहलुओं पर बात करें। निर्णय पर असहमति हो तो पहले हर व्यक्ति की चिंता सुनें, फिर विकल्पों के प्रमाण साथ रखें।

CBSE Career Guidance सत्र में भाग लेते भारतीय स्कूली छात्र

अभिभावक और स्कूल क्या भूमिका निभाएँ?

अभिभावक बातचीत की शुरुआत “तुम्हें क्या बनना है?” के साथ कर सकते हैं, लेकिन वहीं न रुकें। “तुम्हें किस तरह का काम करना अच्छा लगता है?” और “कौन-सा विकल्प तुम और जानना चाहते हो?” जैसे प्रश्न छात्र को बिना दबाव अपनी बात कहने देते हैं। भाई-बहन या पड़ोसी के अंक और करियर से तुलना करने पर छात्र अपनी वास्तविक कठिनाई बताने में हिचक सकता है।

स्कूल के लिए CBSE Career Guidance का उपयोग केवल एक वेबिनार तक सीमित रखने की आवश्यकता नहीं है। शिक्षक विषयों के विकल्प समझा सकते हैं, काउंसलर छात्र से अलग बातचीत कर सकता है और अभिभावकों को भरोसेमंद संसाधनों की जानकारी दी जा सकती है। सितंबर 2026 का वेबिनार स्कूलों में इन्हीं संसाधनों के उपयोग से संबंधित था। वेबिनार हो चुका है; इच्छुक स्कूल प्रतिनिधि सीबीएसई के आधिकारिक नोटिस में दिया प्रसारण लिंक देख सकते हैं।

My Career Advisor के लिए आधिकारिक करियर एडवाइज़र वेबसाइट और परीक्षण के परिचय के लिए तमन्ना की एनसीईआरटी वेबसाइट देखें। किसी ऐप या परीक्षण की जानकारी साझा करते समय छात्र की निजी जानकारी और सहमति का ध्यान रखें।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर सामान्य जानकारी देता है। योग्यता परीक्षण का परिणाम अंतिम करियर निर्णय नहीं है; विषय और पाठ्यक्रम चुनने से पहले स्कूल तथा संबंधित संस्थान से जानकारी जाँचें।

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