PM Shram Yogi Maandhan असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें पात्र श्रमिक को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद न्यूनतम ₹3,000 प्रति माह की सुनिश्चित पेंशन मिलती है।
देश में बड़ी संख्या में घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी विक्रेता, निर्माण श्रमिक, दर्जी, मोची, कृषि मजदूर और दूसरे असंगठित कामगार नियमित पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत नहीं आते। वृद्धावस्था में आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण इन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इस योजना में श्रमिक अपनी प्रवेश आयु के अनुसार हर महीने एक निश्चित अंशदान जमा करता है। केंद्र सरकार भी उसके बराबर राशि जमा करती है। नियमित अंशदान जारी रखने पर सदस्य को 60 वर्ष के बाद मासिक पेंशन प्राप्त होती है।
Table of Contents
- PM Shram Yogi Maandhan क्या है?
- योजना के प्रमुख लाभ
- योजना के लिए पात्रता
- कौन आवेदन नहीं कर सकता?
- मासिक अंशदान की गणना
- पति-पत्नी को कितना लाभ मिलेगा?
- जरूरी दस्तावेज
- आवेदन की प्रक्रिया
- सदस्य की मृत्यु या योजना छोड़ने के नियम
- आवेदन से पहले जरूरी सावधानियां
PM Shram Yogi Maandhan क्या है?
PM Shram Yogi Maandhan को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना या PM-SYM के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कम आय वाले श्रमिकों को वृद्धावस्था में सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
यह मुफ्त पेंशन योजना नहीं है। इसमें सदस्य को एक निर्धारित राशि का मासिक अंशदान करना होता है। केंद्र सरकार सदस्य के अंशदान के बराबर राशि पेंशन खाते में जमा करती है।
यदि कोई पात्र श्रमिक 18 वर्ष की आयु में योजना से जुड़ता है तो उसे कम मासिक अंशदान करना पड़ता है। अधिक आयु में शामिल होने पर मासिक अंशदान बढ़ जाता है, क्योंकि 60 वर्ष की आयु तक योगदान की अवधि कम रह जाती है।
PM Shram Yogi Maandhan की आधिकारिक वेबसाइट पर योजना का विवरण देखें
PM Shram Yogi Maandhan के प्रमुख लाभ
योजना का सबसे बड़ा लाभ 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम ₹3,000 की सुनिश्चित मासिक पेंशन है। यह राशि वृद्धावस्था में दैनिक खर्च, भोजन, दवा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता कर सकती है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- 60 वर्ष के बाद न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन
- सदस्य और केंद्र सरकार का समान अंशदान
- आयु के अनुसार ₹55 से ₹200 तक मासिक योगदान
- बैंक खाते से नियमित ऑटो-डेबिट की सुविधा
- सदस्य की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन
- असंगठित श्रमिकों के लिए वृद्धावस्था सुरक्षा
- स्वैच्छिक और अंशदायी व्यवस्था
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ₹3,000 की पेंशन 60 वर्ष की आयु के बाद और योजना की निर्धारित शर्तें पूरी होने पर मिलती है। नामांकन के तुरंत बाद मासिक पेंशन शुरू नहीं होती।
PM Shram Yogi Maandhan के लिए पात्रता
योजना में नामांकन के लिए आवेदक का असंगठित क्षेत्र में काम करना आवश्यक है। उसकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और मासिक आय ₹15,000 या इससे कम होनी चाहिए।
| पात्रता का आधार | निर्धारित शर्त |
|---|---|
| आवेदक का क्षेत्र | असंगठित क्षेत्र का श्रमिक |
| प्रवेश आयु | 18 से 40 वर्ष |
| मासिक आय | ₹15,000 या कम |
| बैंक खाता | बचत अथवा जनधन खाता |
| पहचान | आधार संख्या |
| अंशदान | प्रवेश आयु के अनुसार मासिक भुगतान |
घरेलू कामगार, स्ट्रीट वेंडर, रिक्शा चालक, निर्माण मजदूर, भूमिहीन कृषि श्रमिक, ईंट-भट्ठा कामगार, बीड़ी मजदूर, बुनकर, चमड़ा श्रमिक, कचरा बीनने वाले, धोबी, मोची और इसी तरह के अन्य कामगार पात्र हो सकते हैं।
किसी व्यक्ति का केवल असंगठित क्षेत्र में काम करना पर्याप्त नहीं है। उसकी आय, आयु और सामाजिक सुरक्षा संबंधी स्थिति भी निर्धारित नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
PM Shram Yogi Maandhan में कौन आवेदन नहीं कर सकता?
जो व्यक्ति कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO, कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ESIC अथवा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली की अनिवार्य व्यवस्था के अंतर्गत आता है, वह सामान्यतः इस योजना के लिए पात्र नहीं होता।
आयकरदाता भी इस योजना में शामिल नहीं हो सकता। यदि किसी व्यक्ति की मासिक आय ₹15,000 से अधिक है तो वह भी निर्धारित आय सीमा पूरी नहीं करता।
आवेदन से पहले इन स्थितियों की जांच करें:
- आवेदक EPFO का सक्रिय सदस्य तो नहीं है
- आवेदक ESIC के अंतर्गत तो नहीं आता
- आवेदक NPS में शामिल तो नहीं है
- आवेदक आयकरदाता तो नहीं है
- मासिक आय ₹15,000 से अधिक तो नहीं है
- आवेदन के समय आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है या नहीं
गलत जानकारी देकर नामांकन कराने पर बाद में लाभ रुक सकता है। इसलिए आवेदन में आय, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित जानकारी सही भरनी चाहिए।

PM Shram Yogi Maandhan में कितना अंशदान करना होगा?
मासिक अंशदान सदस्य की योजना में प्रवेश आयु पर निर्भर करता है। 18 वर्ष की आयु में जुड़ने वाले सदस्य को ₹55 प्रति माह जमा करना होता है। 40 वर्ष की आयु में जुड़ने वाले सदस्य का अंशदान ₹200 प्रति माह होता है।
सरकार भी सदस्य द्वारा जमा की गई राशि के बराबर योगदान देती है। उदाहरण के लिए, यदि सदस्य हर महीने ₹100 जमा करता है तो केंद्र सरकार भी ₹100 का योगदान करेगी।
| प्रवेश आयु | सदस्य का मासिक अंशदान | सरकार का मासिक अंशदान |
|---|---|---|
| 18 वर्ष | ₹55 | ₹55 |
| 20 वर्ष | ₹65 | ₹65 |
| 25 वर्ष | ₹80 | ₹80 |
| 30 वर्ष | ₹105 | ₹105 |
| 35 वर्ष | ₹150 | ₹150 |
| 40 वर्ष | ₹200 | ₹200 |
अंशदान की राशि आमतौर पर सदस्य के बैंक खाते से ऑटो-डेबिट होती है। इसलिए खाते में निर्धारित तारीख के आसपास पर्याप्त राशि बनाए रखना आवश्यक है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय पर आयु के अनुसार आधिकारिक अंशदान तालिका देखें
PM Shram Yogi Maandhan में पति-पत्नी को कितना लाभ मिलेगा?
यदि पति और पत्नी दोनों योजना की पात्रता पूरी करते हैं और अलग-अलग सदस्य बनते हैं तो दोनों को 60 वर्ष के बाद ₹3,000-₹3,000 मासिक पेंशन मिल सकती है। इस प्रकार दोनों को संयुक्त रूप से ₹6,000 प्रति माह प्राप्त हो सकते हैं।
इसके लिए दोनों का अलग नामांकन और अलग मासिक अंशदान आवश्यक होगा। केवल पति या पत्नी में से एक के सदस्य होने पर दूसरे व्यक्ति को स्वतः स्वतंत्र ₹3,000 पेंशन नहीं मिलती।
पेंशन प्राप्त करने के दौरान सदस्य की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी को पारिवारिक पेंशन के रूप में सदस्य की पेंशन का 50 प्रतिशत मिल सकता है। इसका अर्थ है कि ₹3,000 की पेंशन पर जीवनसाथी को ₹1,500 मासिक पारिवारिक पेंशन प्राप्त हो सकती है।
पारिवारिक पेंशन का लाभ केवल जीवनसाथी के लिए होता है। इसे बच्चों या परिवार के अन्य सदस्यों के लिए सामान्य पारिवारिक पेंशन न समझें।
PM Shram Yogi Maandhan के लिए जरूरी दस्तावेज
नामांकन के समय बहुत अधिक दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, आवेदक की पहचान, बैंक खाते और पात्रता से संबंधित जानकारी सही होनी चाहिए।
सामान्यतः निम्न विवरण और दस्तावेज जरूरी होते हैं:
- आधार कार्ड
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- बचत बैंक या जनधन खाते की पासबुक
- बैंक खाता संख्या
- IFSC कोड
- नामांकित व्यक्ति का विवरण
- प्रारंभिक अंशदान के लिए आवश्यक राशि
आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम या जन्मतिथि अलग होने पर पंजीकरण में समस्या आ सकती है। सेवा केंद्र जाने से पहले दोनों दस्तावेजों के विवरण का मिलान कर लेना चाहिए।
PM Shram Yogi Maandhan के लिए आवेदन कैसे करें?
पात्र श्रमिक अपने नजदीकी Common Service Centre यानी CSC पर जाकर योजना के लिए नामांकन करा सकता है। आधार और बैंक पासबुक की सहायता से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है।
आवेदन की सामान्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- नजदीकी CSC केंद्र का पता लगाएं।
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक साथ लेकर जाएं।
- संचालक को मोबाइल नंबर और नामिनी का विवरण दें।
- पात्रता से संबंधित जानकारी दर्ज कराएं।
- बायोमेट्रिक माध्यम से पहचान सत्यापित करें।
- प्रवेश आयु के अनुसार पहला अंशदान जमा करें।
- बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सहमति दें।
- पेंशन कार्ड और पंजीकरण विवरण सुरक्षित रखें।
आवेदन के दौरान मोबाइल नंबर और बैंक विवरण ध्यानपूर्वक जांचें। आगे की सूचना और मासिक अंशदान बैंक खाते से जुड़े होने के कारण गलत जानकारी समस्या पैदा कर सकती है।
सरकारी myScheme पोर्टल पर PM Shram Yogi Maandhan की पात्रता और आवेदन जानकारी देखें

PM Shram Yogi Maandhan में सदस्य की मृत्यु होने पर क्या होगा?
यदि सदस्य की मृत्यु 60 वर्ष की आयु से पहले हो जाती है तो उसका जीवनसाथी नियमित अंशदान जारी रखकर योजना को आगे बढ़ा सकता है। जीवनसाथी योजना से बाहर निकलने का विकल्प भी चुन सकता है।
यदि सदस्य 60 वर्ष के बाद पेंशन प्राप्त कर रहा हो और उसकी मृत्यु हो जाए तो पात्र जीवनसाथी को 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन मिल सकती है।
योजना को बीच में छोड़ने, सदस्य की मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में लागू नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए निकासी से पहले मानधन हेल्पलाइन या अधिकृत सेवा केंद्र से वर्तमान नियमों की पुष्टि करनी चाहिए।
PM Shram Yogi Maandhan में आवेदन से पहले सावधानियां
योजना से जुड़ने से पहले यह समझना आवश्यक है कि अंशदान 60 वर्ष की आयु तक जारी रखना होगा। बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने पर ऑटो-डेबिट असफल हो सकता है।
CSC संचालक को केवल सही दस्तावेज दें और पंजीकरण के बाद प्राप्त पेंशन कार्ड सुरक्षित रखें। किसी अनधिकृत व्यक्ति को आधार OTP, बैंक PIN या ATM की जानकारी न दें।
आवेदक इन बातों का ध्यान रखें:
- पात्रता की जांच आधिकारिक वेबसाइट से करें
- उम्र के अनुसार सही अंशदान समझें
- सक्रिय बैंक खाता उपलब्ध रखें
- नामिनी का विवरण सही भरें
- मासिक अंशदान के लिए खाते में राशि रखें
- पेंशन कार्ड और पंजीकरण संख्या सुरक्षित रखें
- फर्जी वेबसाइट या एजेंट से बचें
PM Shram Yogi Maandhan कम आय वाले असंगठित श्रमिकों को छोटी मासिक बचत के माध्यम से वृद्धावस्था की आर्थिक सुरक्षा तैयार करने का अवसर देती है। योजना का लाभ लेने से पहले श्रमिक को अपनी पात्रता, नियमित अंशदान की क्षमता और निकासी संबंधी नियमों को अच्छी तरह समझना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। PM Shram Yogi Maandhan की पात्रता, अंशदान, पेंशन और निकासी नियमों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक मानधन पोर्टल या अधिकृत CSC से करें।
Also read:
PM KUSUM Yojana Major Relief: किसानों के लिए Agrivoltaics वाला नया चरण जल्द
Deen Dayal SPARSH Yojana Golden Opportunity: छात्रों को ₹6,000
Lado Lakshmi Yojana 2026: ₹2,100 किसे मिलेगा?















